सर्पदंश
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मानसून की आमद होने ही वाली है। बारिश के दौरान सर्पदंश की घटनाएं भी ज्यादा सामने आती हैं। बारिश का पानी सांपों के बिल में भर जाता है और वे इधर उधर घूमने लगते हैं। सूखे स्थान की खोज में वे घरों बगीचों की ओर बढ़ते हैं।
दुनिया भर में सांपों की जितनी प्रजाति पाई जाती है उनमें से लगभग 5 प्रतिशत ही जहरीले होते हैं। कई बार विषहीन सांप के काटने के कारण भी लोग मर जाते है। संभवतः उनमें डर से हृदयाघात हो जाता है।इसलिए सांप की पहचान जरुरी है।
सर्पदंश के निशान को देखकर सांप के जहरीले होने की जानकारी मिल सकती है। अगर काटे गए स्थान पर केवल 2 दांतो के निशान मिले तो ये जहरीले सांप द्वारा काटे जाने के संकेत हैं, दो से अधिक दांतों के निशान विषहीन सांप की पहचान होती है।
अगर किसी को सर्प काट ले तो इस व्यक्ति को खुली हवा में रखे, साथ ही काटे गए स्थान से कुछ ऊपर कपड़े से बांध दें, इससे रक्त संचार कम हो जायेगा। जितनी जल्दी हो सके, उस व्यक्ति को उपचार हेतु अस्पताल ले जाना चाहिए। झाड़ फूंक मे समय बेकार करने से रोगी के जीवन को खतरा बढ़ता जाता है।
सांप भोजन चबाते नही सीधे निगल जाते हैं।ये लंबे समय तक भूखे रह सकते हैं।साल भर में एक बार खाकर भी जीवित रह सकते हैं।सांप दूध नही पीते, ये दूध को पानी समझकर पी जाते हैं जिससे इनको नुकसान होता है और सांप मर भी जाते हैं।
सांप पीछा करके नही काट सकते क्योंकि इनकी गति 7/8 किमी प्रति घंटा होती है। इसलिए इसे देखकर घबराने की जरूरत नहीं है।
मानसून के दौरान सतर्क रहें।घास आदि पर नंगे पांव न टहले। जूतों को सदैव उनके भीतर देखने के बाद ही पहनें। अगर किसी को जहरीला सांप काट ले तो तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर जाएं।
#snakebite

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