ब्लैक फंगस
फंगस किसी के लिए भी नई चीज नही है।
हर कोई इससे पहले से ही परिचित है।
इसके स्पोर्स स्वतंत्र रूप से हवा में मौजूद रहते हैं।
नमी वाले स्थानों पर, नर्म खाद्य पदार्थों पर, ये स्पोर्स
चिपक कर वृद्धि करने लगते हैं।
सामान्यतः मनुष्यों को कम संक्रमित करते हैं, लेकिन
जिनमे इम्युनिटी कमजोर होती है या, जो लंबे समय तक
बाहरी ऑक्सीजन सपोर्ट, आईसीयू में रहे हो, उनको
इससे संक्रमित होने का खतरा होता है।इसमें नाक, आंख
मस्तिष्क प्रभावित होता है।ये एक से दूसरे को नही फैलती।
सामान्य स्थिति में 1 लाख व्यक्तियों में से एक व्यक्ति इससे
प्रभावित होता है और ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहे,
1 हजार व्यक्तियों में 4/5 व्यक्तियों को खतरा होता है।
एक औसत स्वस्थ आदमी को इसके संक्रमण का बहुत
कम खतरा होता है।लेकिन सुरक्षा बहुत आवश्यक है।
बंद कमरों की खिड़कियां खुली रखे। बाहरी हवा को
आने जाने दें। गीला, नमी युक्त मास्क कभी न पहनें।
रोज 10/15 मिनिट हल्की धूप में जरूर टहलें।
चेहरे के किसी भाग पर दर्द या सूजन महसूस हो तो
चिकित्सक से परामर्श लें।
Suresh jadav
No comments:
Post a Comment