Tuesday, 8 June 2021

बुखार fever


 

बुखार

बुखार कोई बीमारी न होकर,
शरीर में होने वाली किसी समस्या का संकेत है।
सर्दी जुकाम, टाइफाइड, कोई चोट या घाव, या फिर
कोई वैक्सीन लेने पर हमें अक्सर बुखार आता है।
मतलब बहुत सीधा है कि शरीर किसी संक्रमण से
लड़ रहा है। उस संक्रमण के कारक से युद्ध चल रहा है।
देखा जाए तो, ये शरीर के लिए बहुत जरूरी है।
हम अधिकांश मौकों पर जल्दी से पेरासिटामोल
ले लेते हैं और शरीर को बीमारी से लड़ने नही देते हैं।
शरीर का अपना प्रतिरक्षा तंत्र है, वह संक्रमण से
बचने के लिए तापमान में वृद्धि करता है।
शरीर में ज्यादा तापमान होने पर सूक्ष्मजीव की वृद्धि
रुक जाती है।उनका विघटन होने लगता है।
बहुत तेज बुखार न हो तो एंटी पायरेटिक दवा लेने के
स्थान पर, पानी की पट्टी शरीर पर रखना अच्छा माना
जाता है।
शरीर का तापमान 100° फेरनहाइट होने पर ही
आमतौर पर लोग घबरा जाते हैं, जबकि यह तापमान
सामान्य तापमान (98.6°f) से लगभग 1.4° ही ज्यादा
होता है।
बचपन से बुखार सबको आता रहा है, इसके लिए
चिंता के स्थान पर सही उपचार की जरूरत होती है।
आखिर ये बुखार भी  एकदम पिछले सालों के बुखार
जैसा ही तो है।


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